Saturday, July 20, 2024
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महावीर जी क्यों प्रसिद्ध है?

आज के इस आर्टिकल में हम महावीर चालीसा के बारे में जानेंगे, और हम आपको यह भी बताएंगे कि आखिर महावीर चालीसा का पाठ करने से आपको क्या फायदा होता है। अगर आप भी महावीर चालीसा का पाठ करने के बारे में सोच रहे हैं, तो आज का हमारा यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण होने वाला है, और खासकर अगर आप जैन धर्म से है, फिर तो आप इस आर्टिकल को आखिरी तक पढ़े बिना कहीं भी ना जाए। क्योंकि आप यह तो जानते ही होंगे कि महावीर जी को जैन धर्म के लोग बहुत ही ज्यादा श्रद्धा पूर्वक पूजते हैं, और इनकी अराधना करते हैं। इसलिए महावीर चालीसा का पाठ उनके लिए बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण रहेगा। तो चलिए बिना किसी देरी के इस आर्टिकल को शुरू करते है।

हम आपको बता दें कि महावीर जी बहुत ही ज्यादा प्रसिद्ध है, और अगर इनके दुसरे नाम की बात करें तो इनका वर्धमान नाम भी बहुत ही ज्यादा प्रचलित है। यानी कि इन्हें वर्धमान नाम से भी जाना जाता है। अगर इनके जन्म की बात करें तो इनका जन्म छठवीं शताब्दी ईसा पूर्व के शुरुआती समय में क्षत्रिय जैन परिवार में हुआ था, यह जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर के रूप में जाने जाते हैं। इनके पिता का नाम सिद्धार्थ था और इनकी माता का नाम त्रिशला था। कहा जाता है कि 30 वर्ष की छोटी उम्र में ही महावीर जी का सांसारिक मोह माया से नाता टूट गया था, और उन्होंने घर बार छोड़कर तपस्वी जीवन को अपनाया था। यहां तक कि यह भी माना जाता है कि महावीर जी ने लगातार 12 साल की कठोर तपस्या की जिससे इन्हे केवला ज्ञान की उपाधि प्राप्त हुयी।

Mahaveer Chalisa का पाठ 

जैसा कि हमने ऊपर आपको बताया कि महावीर जी का जन्म एक क्षत्रिय जैन परिवार में हुआ था। इसलिए यह जैन धर्म के लोगों के लिए एक प्रसिद्ध देवता के रूप में है। इसलिए मुख्य तौर पर जैन धर्म के लोग इनकी पूजा करते हैं, तो अगर आप भी जैन धर्म के हैं तो हम आपको बता दें कि mahaveer chalisa का पाठ करने से आपको बहुत ही ज्यादा सौभाग्य की प्राप्ति होती है। क्योंकि महावीर चालीसा का पाठ करने से आपको महावीर भगवान की कृपा प्राप्त होती है, जिससे कि आपको उनके जैसे गुण प्राप्त होते हैं, और आपको ज्ञान विवेक और वैभव की प्राप्ति होती है, जिससे कि आपको हर क्षेत्र में तरक्की मिलती है। तो अगर आप भी महावीर जी के जैसे बनना चाहते हैं, यानी कि आप भी महावीर जी के जैसे दयालु, कर्म निष्ठ धर्म परायणता एवं साहसी बनना चाहते हैं, तो आपको mahaveer chalisa का पाठ अवश्य करना चाहिये।

महावीर जी की मृत्यु कब हुई थी?

वैसे तो यह कहना सही नहीं होगा कि महावीर जी की मृत्यु हुई थी, हम ऐसा कह सकते हैं कि उन्हें उस समय मोक्ष प्राप्त हुआ था। अगर बात करें कि महावीर जी को कब मोक्ष प्राप्त हुआ था, तो इसके लिए हम आपको बता दें कि 527 ईसा पूर्व में जब महावीर जी 72 वर्ष की उम्र के थे, तब उन्हें बिहार के पावापुरी नामक स्थान पर मोक्ष प्राप्त हुआ था। कहा जाता है कि पावापुरी नामक जगह में एक जल मंदिर है यही महावीर जी को मोक्ष प्राप्त हुआ था।।

तो आज आपने महावीर जी के जीवन एवं महावीर चालीसा के बारे में जाना है,  तो अगर आप जैन धर्म के हैं, तो आप महावीर जी की पूजा तो करते ही होंगे, तो आप भी उन्हें प्रसन्न करने के लिए महावीर चालीसा का पाठ कर सकते हैं।

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